Post-receptor Signalling

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Post-receptor Signalling

Events After Hormone-receptor Interaction

तुम जानते हो कि शरीर में hormones कितनी micro quantity में उपस्थित होते हैं। इस micro quantity से ही सम्पूर्ण शरीर की अनेकों cells में अनेकों प्रभाव उत्पन्न करना किस प्रकार संपन्न हो पाता होगा? याद करो, यही दुविधा तो blood coagulation के समय भी आती है परन्तु वहां micro quantity में उत्पन्न होने वाले coagulation factors के प्रभाव को coagulation cascade system के द्वारा amplify करा लिया जाता है। Hormones के action के दौरान भी यही प्रक्रिया अपनायी जाती है जिसमें hormone-receptor interaction से उत्पन्न होने वाले signaling molecules, विभिन्न steps पर क्रमशः एक दूसरे के प्रभाव को बढ़ाते जाते हैं। आओ इस प्रक्रिया को भी विस्तार से समझते हैं।

प्रत्येक hormone का अपना एक विशिष्ट receptor होता है जो अधिकांशतयः उसी hormone से ही combine करता है। किसी receptor से combine करने वाले hormone (या अन्य substance) को उस receptor का ligand कहते हैं।

Hormone-receptor interaction अनेकों प्रक्रियाओं के द्वारा अपना प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। आओ इसको समझने के लिए हम पुनः किसी ऑफिस का ही उदाहरण लेते हैं। जरा सोचो, यदि कोई व्यक्ति किसी ऑफिस में प्रवेश तो नहीं कर सकता है परन्तु उसे उसी ऑफिस में कोई कार्य कराना है। जरा सोचो वह व्यक्ति उस कार्य को किस प्रकार करा सकेगा? आओ कुछ संभावनाओं पर विचार करते हैं। 1) वह ऑफिस का गेट खोल कर उसमें काम करने वाले लोगों को प्रवेश करा दे या कार्य में व्यवधान डालने वाले लोगों को गेट से प्रवेश करने देने से रोक दे (opening or closing of channels); 2) गेट पर उपस्थित किसी दूसरे व्यक्ति को कार्य करने की विधि समझा कर अंदर भेज दे (second messenger system), अथवा 3) गेट से ही लगे बैठे लोगों को कार्य करने के लिए उत्तेजित करके उनसे ऑफिस के भीतर कार्य संपन्न करा दे (enzyme induction system)। इनके विपरीत, जो व्यक्ति ऑफिस में प्रवेश कर सकते हैं, वह सम्बंधित अधिकारी से मिलकर (intracytoplasmic receptor) या सीधे ही कम्प्यूटर पर बैठकर (intranuclear receptor) नयी programming करके अपना कार्य करने का निर्देश दिलवा सकते हैं (activation of genes and new protein formation)।

Ion channel linked receptors - लगभग सभी neurotransmitter hormones (जैसे acetylcholine या norepinephrine) इसी प्रकार कार्य करते हैं। Receptor से combine करने के बाद यह hormones, receptor से linked ion channels की morphology में कुछ conformational changes उत्पन्न करते हैं जिससे यह ion channels खुल जाते हैं अथवा बंद हो जाते हैं। Ion channels के खुलने अथवा बंद होने से Na+, K+ अथवा Ca++ ions के ionic movement में आने वाले बदलाव से effector cells में नए प्रभाव (depolarisation अथवा repolarisation) उत्पन्न होने लगते हैं जिनके द्वारा hormone का कार्य संपन्न होता है।

Enzyme linked receptors - कुछ hormones, neurotransmitter hormones की भांति स्वयं ही receptor से linked ion channels को खोलने अथवा बंद करने के स्थान पर, अपने कार्य की जिम्मेदारी receptor के intracellular part से linked कुछ enzymes को दे देते हैं। यह hormones जब receptor के extracellular part से combine करते हैं तब वह receptor के intracellular part से लगे enzymes को activate (अथवा कभी-कभी inhibit) करा देते हैं। अब इस enzymatic activity से उत्पन्न होने वाले नए compounds ही cell के भीतर नए कार्य संपन्न कराते हैं।

G protein coupled receptors - कुछ hormones, neurotransmitter hormones की भांति न तो स्वयं ही अपना प्रभाव उत्पन्न कर पाते हैं एवं न ही किसी receptor से linked किसी enzyme को ही activate कर पाते हैं। यह hormones, receptor के intracellular part से लगे हुए कुछ अन्य substances को activate करा देते हैं जो उस hormone के कार्यों को संपन्न कराते हैं। G proteins कुछ ऐसी ही proteins हैं जो hormone receptors के intracellular part से लगी रहती हैं। Alpha, beta एवं gamma subunits से मिलकर बनी इस trimeric protein में इसकी alpha subunit ही इसका active part होती है। अपनी inactive अवस्था में यह alpha subunit, GDP से जुडी रहती है। Hormone-receptor interaction से activated हुई इस G protein में कुछ conformational changes उत्पन्न होते हैं जिससे यह GDP से अलग होकर GTP से combine कर लेती है। GTP से combine होते ही इसमें कुछ अन्य conformational changes होते हैं जो इसे beta एवं gamma subunits से भी अलग कर देते हैं। इस प्रकार, GTP से जुड़ी किन्तु beta एवं gamma subunits से अलग हुई activated alpha subunit, hormone receptor से अलग होकर cell के विभिन्न भागों में अपना प्रभाव उत्पन्न करने के लिए मुक्त हो जाती है। यह ion channels की permeability को प्रभावित कर सकती है, कुछ cytoplasmic enzymes को activate करा सकती है तथा steroid एवं thyroid hormones की भांति gene transcription को भी प्रभावित कर सकती है। Hormone के receptor से detach होने के बाद G protein complex पुनः deactivate हो जाता है जिससे alpha subunit भी GTP के स्थान पर पुनः GDP से combine करके अपनी अन्य दो subunits से जुड़कर अपने स्थान पर वापस आ जाती हैं। ध्यान रहे, ऐसा नहीं है कि hormone-receptor interaction हमेशा ही G proteins को activate ही करता है। वास्तव में यह G proteins दो प्रकार की होती हैं, stimulatory G proteins (Gs) एवं inhibitory G proteins (Gi)। Gi protein coupled receptors द्वारा ion channels, enzymatic activity अथवा gene transcription का inhibition भी कराया जा सकता है।

Intracellular hormone receptors and activation of genes - ध्यान करो, किसी cell के अधिकाँश कार्य proteins के द्वारा ही तो संपन्न होते हैं। Proteinaceous hormones, cell के भीतर तो प्रवेश नहीं कर पाते परन्तु वह अन्य proteins को प्रभावित करके अपना कार्य संपन्न करा लेते हैं। इनके विपरीत, lipid based steroid hormones एवं thyroid hormones को अपना कार्य संपन्न करने के लिए नयी protein की synthesis करनी पड़ती है। इस कार्य के लिए steroid hormones, intracytoplasmic receptors से combine करते हैं जिसके पश्चात् hormone-receptor complex, nucleus में प्रवेश करके genes पर स्थित hormone responsive element (HRE) पर पहुँच कर उससे combine कर लेता है। Thyroid hormones के receptors तो nucleus में ही होते हैं जिनसे combine करके hormone-receptor complex, सीधे ही genes पर स्थित HRE से combine कर लेता है। HRE पर यह hormone-receptor complex एक activated transcription factor के रूप में कार्य करता है जो उस gene में transcription process को activate कराकर mRNA उत्पन्न कराता है। यह mRNA, nucleus से निकलकर ribosomes तक जाता है जहाँ वह translation process के द्वारा new protein का निर्माण कराता है जो उस hormone के प्रभावों को उत्पन्न करता है।

Genomic and nongenomic effects of hormones

अब तक हम जान चुके हैं कि nonprotein hormones को कार्य करने के लिए new protein synthesis की आवश्यकता पड़ती है। यह कार्य दो प्रकार से संपन्न कराया जा सकता है - 1) New protein synthesis के लिए gene transcription को उत्तेजित करके, अथवा. 2) Target cells में target gene expression को बढ़ाकर । Enhanced gene transcription एवं target gene expression के enhancement के द्वारा उत्पन्न होने वाले प्रभावों को genomic effects of hormones कहते हैं। स्वाभाविक रूप से gene transcription अथवा gene expression से उत्पन्न होने वाले इन प्रभावों में कुछ समय लगता है जो कुछ मिनटों से लेकर कई दिनों तक हो सकता है। परन्तु यह भी देखा गया है कि इन्हीं nonprotein hormones (steroid एवं thyroid hormones) के कुछ प्रभाव तो hormone secretion के साथ-साथ ही होने लगते हैं जिनका genomic action के द्वारा हो पाना संभव नहीं। इनके होने के कुछ प्रमाण निम्नांकित हैं -

1. यह प्रभाव hormone secretion के कुछ सेकंड्स में ही आरम्भ हो जाते हैं जिनका gene transcription के माध्यम से हो सकना संभव नहीं।

2. यह प्रभाव कुछ उन very large steroid molecules के द्वारा भी उत्पन्न हो जाते हैं जो cell में प्रवेश ही नहीं कर पाते।

3. यह प्रभाव उन cells में भी उत्पन्न होते हैं जिनमें gene transcription के लिए आवश्यक cellular machinery ही नहीं होती, जैसे spermatozoa में।

4. यह प्रभाव gene transcription inhibitors के द्वारा भी block नहीं होते जिसका स्पष्ट अर्थ हुआ कि इनके होने में gene transcription की प्रक्रिया का कोई योगदान नहीं है।

Steroid एवं thyroid hormones के द्वारा उत्पन्न होने वाले यह immediate effects, इन hormones के nongenomic effects कहलाते हैं।

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Dr. Pankaj Kumar Agarwal

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